Milyin Featured 19

ये उन दिनों की बात है।।

6th May 2024 | 1 Views

Info: This Creation is monetized via ads and affiliate links. We may earn from promoting certain products in our Creations, or when you engage with various Ad Units.

How was this Creation created: We are a completely AI-free platform, all Creations are checked to make sure content is original, human-written, and plagiarism free.

Toggle

ये उन दिनों की बात है
जब आंखों मे सपने हुआ करते थे..
होंठों पे बेफिक्री बातें हुआ करती थीं..
कदमों में जान थी ऊँचाईयों तक जाने की..
इन हाथों की ताकत कलमों से हुआ करती थी…

वो भी क्या जंग-ए-मैदान जिन्दगी थी…
बातों के तीर जहाँ जुबानी चला करते थे…
कभी कोई जज़ कोई वकील हुआ करता…
हम भी पहचान से मुज़रिम हुआ करते थे…

लोगों में तमीज़ थी,हममें ज़रा कम थी…
हर वक्त हम कटघरे में मिला करते थे…
जुल्म महज़ इतना था मेरा..कि…
हर पल को हम खुल के जिया करते थे…

बहस कभी घंटो छिड़ जाती थी..
इस आजा़दी को जा़यज़-नाजायज़ बताने में…
चुप खडे़ हमभी सिर्फ सुना करते थे…
हमें भी मजा़ आता था सीखने-सिखाने में…

वक्त-वक्त की बात है…
वो बदला और हम भी…
कुछ ख्वाहिशें हमारी भी कुबूल हुई…
कुछ इंकार हुए हम भी…

बातें न उस वकील की गलत थी…
फैसले न उस जज़ के गलत थे…
सवाल के कटघरे में तो तीनो थे खडे़…
शायद तकदीर के कानून ही गलत थे…

आज भी याद आते हैं जब…
वो नियम कुछ अजी़ब से…
जो सिर्फ हम मासूमों पर चला करते थे…
एक जो़श-सा आ जाता है…
हमारे जहनो-ज़मीर में…
जो उस रोज़ हमारे खून में हुआ करते थे…

PALLAVEE MAURYA

@PALLAVEE-MAURYA

Following0
Followers0


You may also like

Leave a Reply