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Wich.of.the.soil मिट्टी की चुड़ैल

 

काली घर पहुंचते ही घबरा जाता है। उसके जीजा की लाश को पड़ोसियों ने काली के घर के आगे आंगन में जमीन पर लिटा रखा था। काली के जीजा तांत्रिक थे। उनका सब लोग सम्मान करते थे। उन्होंने अपनी तांत्रिक सिद्धियां से आज तक कई लोगों का भला किया था। एक सीधे-साधे सच्चे इंसान थे। काली के माता पिता का स्वर्गवास होने के बाद काली की बहन और जीजा काली  को अपने साथ कोलकाता शहर के एक छोटे से गांव में ले आए थे।  दोबरस पहले काली की बहन का देहांत हो गया था। आज उसके जीजा भी उसे छोड़ कर चले गए थे।  इस दुनिया में उसके जीजा और बहन के अलावा उसका कोई नहीं था। काली को अपने जीजा की लाश देखकर चक्कर आ जाते हैं। और वह बेहोश हो जाता है। आस पड़ोस के लोग काली  को उठाकर उसके घर के कमरे में पलंग पर लिटा देते हैं।   पलंग पर लेटने के बाद थोड़ी ही देर में काली को महसूस होता है। जैसे कि वह कमरे में चारों तरफ हवा में उड़ रहा है।  उसकीनजर उस पलंग पर जाती है जिस पर उसको पड़ोसियों ने लेट आया था। वह देखता है मैं पलंग पर ही लेटा हूं, और कमरे में हवा में भीउड़ रहा हूं।इतने में एक छिपकली दीवार से गिरकर पलंग पर लेटे हुए काली के ऊपर घूमने लगती है। पर काली को कुछ भी एहसास नहीं होता।

काली समझ जाता है, कि मेरे शरीर से मेरी आत्मा निकल गई है। और जीजा के साथ मेरी भी मृत्यु हो गई है।जीजा की लाश के पास कमरे से बाहर खड़े पड़ोसियों की आवाज उसके कानों में लाउडस्पीकर की तरह गूंजने लगती है। कुछ  लोग कमरे के अंदर आते हैं। उनमें से एक पुरुष और महिला काली के विषय में पूछते हैं। और पुरुष  कहता हैं शाम होने वाली है। इसके जीजा के अंतिम संस्कार की  जल्दी से तैयारी करो  उन्होंने अपने तंत्र विद्या से हमारी कोई बहुत बड़ी समस्या हल की थी। इसलिए उनके अंतिम संस्कार के लिए मे कुछ पैसे लाया हूं। यह बातें करते-करते कमरे से बाहर चले जाते हैं। पर दो लंबे चौड़े हटे काटे काले रंग के आदमी कमरे के अंदर ही रुक  जाते हैं। और अचानक काली का जीजा हवा में उड़ता हुआ। काली  के पास आ जाता है।  और काली से कहता है

“कुछ भी सवाल नहीं पूछना, चुपचाप मेरे साथ चलो” काली का जीजा हवा में उड़ते हुए काली का हाथ पकड़कर कमरे से बाहर ले आता है। बाहर निकल कर खाली जमीन पर लेटी हुई, जीजा की लाश की तरफ देखता है।  फिरजीजा के साथ उड़ने लगता है।  इन दोनों के पीछे दोनों  काले रंग के आदमी भी उड़ने लगते हैं। काली पूछता है “जीजायह  दोनों काले रंग के आदमी कौन है।” उसका जीजा कहता है”यमदूत है। और मुझे लेने आए हैं।”और फिर कहता हैं “मेरे पास समय नहीं है। मुझे चलते-चलते तुमसे जरूरी बात करनी है। तुम चुपचाप मेरी बात ध्यान से सुनना  फिरकाली को बताता है, “मे तंत्र विद्या से एक ऐसी शक्ति प्राप्त करने वाला था, जिससे मे जो चाहता वह काम करवा सकता था।इसके लिए तुम्हें पूरी तंत्र विद्या का ज्ञान लेना होगा। ज्ञान लेने के बाद पूर्णमासी के सूर्य ग्रहण के समय आधी रात को श्मशान घाट में 12:00 बजे आदी  जलीलाश के सामने पूजा करनी होगी।”

 “फिर उस लाश की राख और सर की हड्डियां पीसकर श्मशान घाट की मिट्टी और पान के तलाब के पानी  मिट्टी में मिला कर एक मूर्ति बनानी होगी।

उस मूर्ति को जो मन से सच्चा आदमी औरत या बच्चापहली बार देखेगा तो, वह जीवित हो जाएगीअगर उस समय तुम्हारे मन में कोई गलत विचार आया तो, वह  मूर्ति नकारात्मक  शैतानी शक्ति बन जाएगी। तुम्हें और इस दुनिया को बहुत नुकसान पहुंचाएगी। इस  बात का तुम को जरूर ध्यान रखना है।

“तुम मेरी यह अधूरी विद्या पूरी करोगे तो मैं दुबारा जीवित भी हो जाऊंगा, क्योंकि मेरी समय से पहले  मौत हुई है। इस काम में तुम्हारी मदद उड़ीसा के एक छोटे से गांव में रहने वाली  शामली नाम की तांत्रिक  करेगी। सबसे पहले तुम्हें मेरे शरीर का अंतिम संस्कार नहीं करना है। उसे एक बकस में बंद करके जहां पान की फसल होती हो उस तालाब में  डूबा देना है। तंत्र विद्या पूरी होने के बाद मेरे शरीर को बकस से निकाल कर जीवित कर देना।”इतने में यमदूत दोनों को रोक देते हैं। सामने एक बड़ा सा गेट था।

 उसके किनारे भोलेनाथ जी का मंदिर था। अंदर बहुत से औरत बच्चे आदमी  गुमसुम चुपचाप एक लाइन में खड़े हुए थे। और कुछ लोग भाग भाग कर काम कर रहे थे। काली का जीजा कहता है, “काली अभी तुम्हारा समय नहीं आया है,। इसलिए तुम्हे वापस जाना होगा। इतने में पीछे से यमदूत काली की कमर में  एक जोरदार लात मारता है।और काली उछलकर अपने पलंग से गिर जाता है। उसकी आंख खुल जाती है। काली पड़ोसियों से कहता हैं “मेरे जीजा की अंतिम इच्छा थी, कि उनका अंतिम संस्कार उनके गांव में हो। पड़ोसी उसका कहना मान लेते हैं।और वह गाड़ी बुक कर के अपने जीजा की लाश का वहां से लेकर निकल जाता है। रास्ते में ड्राइवर को कुछ पैसे देकर अपने साथ मिला लेता है। और अपने जीजा की लाश को  संदूक में बंद करके ड्राइवर के साथ मिलकर एक पान के तालाब में डूबा देता है। फिर असम जाकर शामली तांत्रिक से मिलता है। शामली तांत्रिक को अपने जीजा की मौत की खबर सुनाता है। शामली तांत्रिक  उसकी मदद करने के लिए तैयार हो जाती है।

काली के जीजा ने भी उसे थोड़ी बहुत तांत्रिक विद्या  सिखा रखी थी। अब शामली  तांत्रिक काली को पूरी तांत्रिक विद्या का ज्ञान सिखाना शुरू कर देती है। काली मिट्टी की मूर्ति के विषय में शामली को कुछ नहीं बताता। और पूरी तांत्रिक विद्या सीखने के बाद पूर्णमासी की सूर्य ग्रहण वाली  आधी रात को श्मशान घाट में पहुंच जाता है। काली का उस दिन भाग्य  अच्छा था। उसे

आदी जली हुई लाश शमशान घाट में आसानी से मिल जाती है। काली पूजा के सम्मान में पान के पत्ते लड्डू सुपरी और एक उल्लू लेकर गया था। मंत्र पढ़ते पढ़ते आंधी जली लाश उठ कर बैठ जाती है। और अपने सर की हड्डियां और आधे शरीर की राख उठाकर काली  के कटोरे में डाल देती है। काली मुर्दे की राख और श्मशान की मिट्टी पान के तलाव की मिट्टी और पानी सब को मिलाकर एक मूर्ति बनाता है। और मूर्ति को थैले में रखकर एक सच्चा मनुष्य ढूंढने निकल जाता है। सफल तांत्रिक बनने के बाद काली को लालच आ गया था।  वह अपने जीजा को भी भूल चुका था। शामली तांत्रिक को तो उसने  पहले ही कुछ नहीं बताया था। उसी समय एक बड़ा सा उल्लू आकर काली की आंखों में पंजा मार देता है। और काली को दिखाई देना बंद हो जाता है। काली को शामली तांत्रिक अस्पताल लेकर जाती है। अस्पताल में एक बहुत ही ईमानदार सुंदर डॉक्टर थी। जो काली  का इलाज कर रही थी। काली मौका देखकर उसी को  वह मूर्ति दिखा देता है। और मिट्टी की मूर्ति देखते ही उस डॉक्टरनी के  प्राण निकल कर मूर्ति में घुस जाते हैं। और उसकी मौत हो जाती है। और काली अस्पताल से भाग जाता है। रास्ते में  मूर्ति थैली से निकलकर वही सुंदर डॉक्टरनी बन जाती है। काली को उसी  से प्रेम हो जाता है।

 काली उससे ही शादी कर लेता है। और जो चाहता था, वही  काम करवाता है। पर उस दिन जब वह मूर्ति जिंदा हुई थी, काली अपने जीजा की वह  बाद भूल गया था, कि उसे अपने मन में अच्छे विचार रखने थे। 

 उस समय उसके मन में गलत नकारात्मक विचार थे। इसी वजह से मूर्ति चुड़ैल

धीरे-धीरे अपना खतरनाक भयानक रूप धारण कर लेती है। और एक दिन जब काली के ही प्राण लेने  लगती है। तो काली  तंत्र शक्ति से उसका अंत कर देता है। और पुलिस के सामने आत्मसमपण करके बताता है कि उस  महिला डॉक्टर की मौत का मे जिम्मेदार हूं। और कहता है “जीवन में मनुष्य को सब कुछ ईमानदारी और अपनी मेहनत से ही हासिल करना चाहिए। काली को उम्र कैद की सजा हो जाती है।”

Rakesh RakeshLast Seen: Jan 31, 2023 @ 4:11am 4JanUTC

Rakesh Rakesh

Ved Ram



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